अस्थमाके मरीज दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं। एक आंकड़े के अनुसार साल 2050 तक अस्थमा रोगियों की संख्या तीन गुना बढ़ जाएगी। अस्थमा होने के कई कारण हो सकते हैं। अस्थमा का रोग कभी भी किसी को भी अचानक अपनी गिरफ्त में ले सकता है। लंबे समय तक खांसी बनी रहना या फिर सांस लेने की समस्या अस्थमा के मुख्य लक्षण है।
अस्थमा के मरीजों को खुद का ख्याल अधिक रखना पड़ता है। खासकर अपनी डाइट का। कई ऐसी फूड्स है जिनका सेवन अस्थमा के मरीज को बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। जानिए इसके बारे में विस्तार से।
अस्थमा के मरीज न करें इन चीजों का सेवन
फास्ट फूड का न करें सेवन
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार जिन लोगों अधिक मात्रा में फास्ट फूड का सेवन करते हैं। उनमें 37 प्रतिशत तक अधिक अस्थमा का खतरा रहता है। क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में संतृप्त वसा पाया जाता है। जो आपके इम्यूनिटी को कमजोर कर देता है।
पनीर और मशरूम अगर आपको फंगस से एनर्जी हैं तो पनीर और मशरूम का सेवन बिल्कुल भी न करें। इससे अस्थमा की समस्या अधिक बढ़ सकती है।
अधिक नमक सेवन कई शोधों में यह बात सामने आई है कि अधिक नमक का सेवन करने से अस्थमा की समस्या बढ़ जाती हैं।
एल्कोहाल का सेवन आपको बता दें कि कई शराब और बियर में सल्फाइट्स मिलाए जाते हैं। जिससे कि यह काफी समय तक खराब न हो। वहीं यह सल्फाइट्स अस्थमा के रोगियों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
प्रोसेस्ड फूड पैक्ड फूड, प्रोसेस्ड फूड का सेवन करने से अस्थमा की बीमारी तेजी से बढ़ सकती हैं। इसलिए इन चीजों से दूरी बनाना आपके लिए बेहतर है।
अस्थमा के मरीज करें इन चीजों का सेवन
अस्थमा के मरीजों को ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जिसमे भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट के गुण के साथ-साथ विटामिन ई, सी , कैरोटीन पाया जाता है। जो शरीर में कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स को रोकने में मदद करते हैं। जिसके कारण आपको फेफड़ों में होने वाली जलन और दर्द में भी आराम मिलता है।
खरबूज विटामिन सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो मुक्त कणों से लड़कर फेफड़ों को हेल्दी रखने में मदद करता है।
विटामिन डी सूर्य की रोशनी से बेहतर विटामिन डी आपको कही नहीं मिल सकती है। इसके लिए आप सुबह-सुबह आधा से एक घंटा धूप में जरूर बैठे। इसके अलावा आप सालमन, अंडे, गाय का दूध, संतरे का जूस, गाजर आदि का सेवन कर सकते हैं।
मछली मछली में भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 पाया जाता है जोकि अस्थमा के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है।
ड्राई फूट्स ड्राई फूट्स में भरपूर मात्रा में विटामिन ई के अलावा इसमें टोकोफेरॉल नामक तत्व होता है जो अस्थमा के कारण होने वाली खांसी और घरघराहट को कम करने में मदद करते हैं। इसलिए अपनी डाइट में बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज के साथ-साथ ब्रोकली आदि शामिल करें।